सरजू बांधा तालाब की दुर्दशा पर फूटा जनाक्रोश, कृष्ण मित्र फाउंडेशन ने महापौर से की तत्काल सफाई व गहरीकरण की मांग

सरजू बांधा तालाब की दुर्दशा पर फूटा जनाक्रोश, कृष्ण मित्र फाउंडेशन ने महापौर से की तत्काल सफाई व गहरीकरण की मांग

दाह संस्कार शेड की मरम्मत का मुद्दा भी उठाया, महापौर मीनल चौबे ने दिया शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन

चौपाल न्यूज इन | रायपुर, 8 जून 2026Chaupal News In
रायपुर के टिकरापारा स्थित ऐतिहासिक सरजू बांधा नया तालाब की बदहाल स्थिति को लेकर कृष्ण मित्र फाउंडेशन ने नगर निगम प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। फाउंडेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे से मुलाकात कर तालाब की सफाई, गहरीकरण तथा मुक्तिधाम में जर्जर दाह संस्कार शेड की मरम्मत की मांग की।
फाउंडेशन के अध्यक्ष माधव लाल यादव ने महापौर को बताया कि लगभग 35 एकड़ क्षेत्र में फैला सरजू बांधा तालाब आज गंभीर प्रदूषण और उपेक्षा का शिकार हो चुका है। तालाब के प्राकृतिक जल स्रोत बंद हो गए हैं और संजय नगर व टिकरापारा क्षेत्र की नालियों का गंदा पानी सीधे तालाब में मिल रहा है। इसके कारण तालाब का जल पूरी तरह दूषित हो गया है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और जल में कीड़े पड़ने लगे हैं।


धार्मिक आस्था पर भी संकट
प्रतिनिधिमंडल ने महापौर को बताया कि सरजू बांधा तालाब केवल जल स्रोत नहीं बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक आस्था का केंद्र भी है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ी समाज के लोग नहावन, दशगात्र एवं अन्य मृत्यु संस्कार संबंधी धार्मिक अनुष्ठान इसी तालाब के किनारे संपन्न करते हैं।
फाउंडेशन का कहना है कि दूषित जल के कारण लोगों को मजबूरी में उसी पानी का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। पितरों के तर्पण जैसे पवित्र कार्य भी प्रदूषित जल में किए जा रहे हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।
कभी स्वच्छ जल का प्रमुख स्रोत था तालाब
माधव लाल यादव ने बताया कि एक समय ऐसा था जब आसपास के लोग इसी तालाब के पानी का उपयोग भोजन बनाने, पीने और दैनिक जरूरतों के लिए करते थे। प्रतिदिन सैकड़ों लोग यहां स्नान करने आते थे और तालाब का जल अत्यंत स्वच्छ माना जाता था।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लगातार उपेक्षा, कचरे के बढ़ते ढेर और पॉलीथिन प्रदूषण के कारण तालाब की स्थिति खराब होती चली गई। प्राकृतिक झरिया जल स्रोत भी समाप्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं।


फाउंडेशन की प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने महापौर के समक्ष निम्न मांगें रखीं—
तालाब में गिरने वाले नालों के गंदे पानी को तत्काल डायवर्ट किया जाए।
सरजू बांधा तालाब की व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए।
तालाब का वैज्ञानिक तरीके से गहरीकरण कराया जाए।
प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जाएं।
मुक्तिधाम स्थित क्षतिग्रस्त दाह संस्कार शेड का तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए।
महापौर ने दिया कार्रवाई का भरोसा
महापौर मीनल चौबे ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सरजू बांधा तालाब की सफाई एवं आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। उन्होंने मुक्तिधाम में क्षतिग्रस्त दाह संस्कार शेड की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए भी शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ये रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल
कृष्ण मित्र फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष माधव लाल यादव, उपाध्यक्ष रतन जैन, सचिव गोवर्धन झंवर, कोषाध्यक्ष संजय चंद्राकर, राजू यादव, मीना यादव, रेखा झंवर एवं कलावती शुक्ला शामिल रहे।
चौपाल न्यूज इन, रायपुर
रिपोर्ट : सुरेन्द्र यादव
“तालाब बचाओ, पर्यावरण बचाओ और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल स्रोत सौंपो”।

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