रायपुर में लॉन्च हुई अत्याधुनिक “नेक्स्ट जेन CG डायल-112 सेवा”

रायपुर में लॉन्च हुई अत्याधुनिक “नेक्स्ट जेन CG डायल-112 सेवा”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 400 आपातकालीन वाहनों और 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी

चौपाल न्यूज इन | रायपुर, छत्तीसगढ़http://Chaupalnews.in
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अमित शाह ने रायपुर स्थित माना

पुलिस परेड ग्राउंड में अत्याधुनिक “नेक्स्ट जेन CG डायल-112 सेवा” एवं मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विष्णुदेव साय, रमन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
400 हाईटेक वाहनों से मिलेगी त्वरित सहायता
नई डायल-112 सेवा “एक्के नंबर, सब्बो बर” थीम पर आधारित है, जिसके माध्यम से पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, सड़क दुर्घटना और अन्य आपदा स्थितियों में नागरिकों को एक ही नंबर पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


शुभारंभ के दौरान 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन वाहनों में स्मार्टफोन, GPS सिस्टम, वायरलेस रेडियो, PTZ कैमरा, डैश कैम, मोबाइल NVR तथा सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग और रियल टाइम ट्रैकिंग संभव हो सकेगी।
24×7 सक्रिय रहेगी सेवा


राज्यभर में यह सेवा 24 घंटे संचालित होगी। इसमें GIS आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम, SIP ट्रंक टेक्नोलॉजी और ऑटोमेटिक कॉलर लोकेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है।
अब नागरिक वॉयस कॉल, SMS, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी मदद प्राप्त कर सकेंगे।
मोबाइल फॉरेंसिक वैन से मौके पर होगी वैज्ञानिक जांच
“Science on Wheels – Towards Faster Justice” थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन अपराध जांच व्यवस्था को नई मजबूती देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी।
लगभग 65 लाख रुपये लागत वाली प्रत्येक वैन में फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स टेस्ट किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, हाई क्वालिटी फोटोग्राफी सिस्टम, बैलिस्टिक जांच किट और GSR परीक्षण जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा बल
अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशाला तक पहुंचाने में देरी और साक्ष्यों के दूषित होने का खतरा बना रहता था, लेकिन नई फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा।
राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका बढ़ाना तथा आम जनता को त्वरित और भरोसेमंद न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
चौपाल न्यूज इन
प्रधान संपादक : सुरेंद्र यादव
रायपुर, छत्तीसगढ़

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