रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बजट में घोषित महतारी सदन और रानी दुर्गावती योजना को लेकर महिलाओं में उत्साह का माहौल है। भारतीय स्त्री शक्ति संगठन (छत्तीसगढ़) की प्रांत सचिव भारवि वैष्णव ने इन योजनाओं को महिला सशक्तिकरण की दिशा में “ऐतिहासिक और दूरगामी कदम” बताया है।
उन्होंने कहा कि ये योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महिलाओं को सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम बनेंगी।
महतारी सदन: महिला सुरक्षा और सम्मान का नया केंद्र
भारवि वैष्णव ने कहा कि महतारी सदन महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सहयोगी वातावरण प्रदान करेगा। इससे जरूरतमंद महिलाओं को संरक्षण, मार्गदर्शन और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि यह पहल महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
रानी दुर्गावती योजना: आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत पहल
रानी दुर्गावती योजना के तहत महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता, शिक्षा और पोषण से जुड़े लाभ प्रदान किए जाएंगे। भारवि वैष्णव के अनुसार,
“जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तभी वे समाज और परिवार में निर्णायक भूमिका निभा पाएंगी।”
उन्होंने विशेष रूप से संपत्ति में महिलाओं के अधिकार को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे सामाजिक संतुलन और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
संपत्ति में अधिकार: सामाजिक बदलाव की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय
भारवि वैष्णव ने कहा कि संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा परिवर्तन है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगी।
महिला अपराध में कमी और सुरक्षा की उम्मीद
भारतीय स्त्री शक्ति संगठन का मानना है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से महिलाओं की सुरक्षा में सुधार होगा और महिला अपराधों में कमी आएगी।
संगठन ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट नारी शक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रेषक:
भारवि वैष्णव
प्रांत सचिव, भारतीय स्त्री शक्ति (छत्तीसगढ़)
(रिपोर्ट: चौपाल न्यूज इन, रायपुर छत्तीसगढ़ | Chief Editor – सुरेंद्र यादव)
