रायपुर | 23 दिसंबर 2025 | चौपाल न्यूज इन
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की सक्रियता और सख्त निर्देशों के चलते जिला बलौदाबाजार-भाटापारा अंतर्गत कसलोड आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक–04 की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। जर्जर और असुरक्षित स्थिति में संचालित यह केंद्र अब बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं अनुकूल वातावरण में तब्दील हो चुका है।

दिनांक 29 नवम्बर 2025 को डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र की भवन संरचना अत्यंत जर्जर पाई गई थी। फर्श असुरक्षित था, परिसर में गंदगी फैली हुई थी तथा शौचालय की स्थिति अत्यंत खराब थी। इन गंभीर अव्यवस्थाओं से केंद्र में अध्ययनरत छोटे बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और गरिमामय वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी, जिसे आयोग ने बाल अधिकारों के उल्लंघन की श्रेणी में माना।

निरीक्षण उपरांत आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। उनके निर्देशों के अनुपालन में परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना कसलोड द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए—
आंगनबाड़ी भवन की सम्पूर्ण साफ-सफाई कराई गई
जर्जर संरचना की मरम्मत कर भवन को सुरक्षित बनाया गया
फर्श को दुरुस्त व उपयोग योग्य किया गया
केंद्र परिसर को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित किया गया
शौचालय की गहन सफाई कर बच्चों के सुरक्षित उपयोग योग्य बनाया गया

स्वच्छता एवं नियमित रख-रखाव हेतु चार्ट, पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई
इन सुधारात्मक कार्यों के बाद आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक–04 अब बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण प्रदान कर रहा है। इससे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सर्वांगीण विकास को मजबूती मिलेगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी फोटो सहित प्रतिवेदन के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को प्रेषित की गई है। वहीं, आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने केंद्र की सतत निगरानी के निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
