चौपाल न्यूज इन | ब्रेकिंग न्यूजमौनी अमावस्या स्नान को लेकर बवाल, साधु-संत और प्रशासन आमने-सामने

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प्रयागराज।http://Chaupalnews.in मौनी अमावस्या के पावन स्नान को लेकर प्रयागराज में बड़ा विवाद सामने आया है। स्नान व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सहित कई साधु-संतों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। मामला इतना बढ़ा कि संत समाज में भारी नाराजगी देखी गई और विरोध के स्वर तेज हो गए।
जानकारी के अनुसार मौनी अमावस्या स्नान के दिन प्रशासन द्वारा सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के तहत कुछ मार्गों को बंद किया गया था। इसी दौरान शंकराचार्य स्वामी

अविमुक्तेश्वरानंद को निर्धारित समय और मार्ग से स्नान स्थल तक जाने से रोके जाने की बात सामने आई। इसे लेकर संत समाज ने कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि संतों की परंपरा और धार्मिक मर्यादा का पालन होना चाहिए।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मौनी अमावस्या जैसे महापर्व पर संतों को रोकना आस्था का अपमान है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन को व्यवस्था बनानी चाहिए, न कि श्रद्धालुओं और संतों की धार्मिक स्वतंत्रता में बाधा डालनी चाहिए। उनके समर्थन में कई अखाड़ों के साधु-संत भी खुलकर सामने आ गए।
विवाद बढ़ने के बाद शंकराचार्य कुछ समय के लिए धरने पर भी बैठ गए। संत समाज ने प्रशासन से तत्काल संवाद कर समाधान निकालने की मांग की। वहीं प्रशासन का पक्ष है कि सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए नियम लागू किए गए थे, किसी की आस्था को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और संतों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। आश्वासन के बाद शंकराचार्य ने धरना समाप्त किया, लेकिन संत समाज ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसकी चेतावनी दी है।
फिलहाल मौनी अमावस्या स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड में है और पूरे घटनाक्रम पर संत समाज व श्रद्धालुओं की नजर बनी हुई है।
— चौपाल न्यूज इन, रायपुर छत्तीसगढ़

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