जब समय पर गैस नहीं मिलेगी, तो जिम्मेदार कौन?”
चौपाल न्यूज इन http://Chaupalnews.inरायपुर ग्रामीण | आरंग | मंदिर हसौद | चंदखुरी
रायपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों—आरंग, मंदिर हसौद, चंदखुरी, नया रायपुर, समोदा, भानसोज, भैषा और खरोरा—में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। 45 दिनों की निर्धारित रिफिलिंग अवधि के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर स्टॉक खत्म होने की स्थिति है, जिसके कारण लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
🔴 गैस संकट के कारण बढ़ी परेशानी
ग्रामीण इलाकों में लोग एक बार फिर लकड़ी और पारंपरिक चूल्हों का सहारा लेने को मजबूर हैं। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
⚫ व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
इस स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या गैस एजेंसियों द्वारा कृत्रिम कमी पैदा की जा रही है या फिर शासन स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है।

🟠 परमानंद जांगड़े का बयान
आम आदमी पार्टी के नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमानंद जांगड़े ने कहा—
“45 दिन से गैस गायब है, लेकिन सरकार और प्रशासन दोनों ही लापता हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल औपचारिकता निभा रहा है, जबकि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
🔵 जमीनी हकीकत
“जनता सिलेंडर के लिए लाइन में खड़ी है और सरकार प्रचार में व्यस्त है — यही आज की सच्चाई है।”
🟣 मुख्य मांगें
गैस आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए
वितरण प्रणाली की स्वतंत्र जांच हो
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में गैस संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो यह समस्या और विकराल हो सकती है।
🎤 चौपाल न्यूज इन, रायपुर (छत्तीसगढ़)
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