नकटी–सम्मानपुर बुलडोजर कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी का सरकार पर बड़ा हमला

नकटी–सम्मानपुर बुलडोजर कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी का सरकार पर बड़ा हमला

“बुलडोजर से केवल मकान नहीं टूटे, इंसानियत भी मलबे में दब गई” — परमानंद जांगड़े

गरीबों के उजड़े आशियानों पर बनने वाली विधायक कॉलोनी का बहिष्कार करें भाजपा और कांग्रेस के विधायक, यदि नैतिकता शेष है : आप नेता

चौपाल न्यूज इन रायपुर छत्तीसगढ़ रायपुर, 30 जून। रायपुर जिले के नकटी–सम्मानपुर में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के नेता परमानंद जांगड़े ने इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे अमानवीय और मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाओं में से एक बताते हुए कहा कि बुलडोजर ने केवल गरीबों के मकान ही नहीं, बल्कि उनके सपनों, सम्मान और जीवन की उम्मीदों को भी मलबे में बदल दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि तड़के लगभग 4 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 48 गरीब एवं मजदूर परिवारों के मकानों को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। उनका कहना है कि किसी गरीब का घर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं होता, बल्कि उसकी वर्षों की मेहनत, परिवार की उम्मीदें और बच्चों के भविष्य का आधार होता है।
“विकास नहीं, गरीबों का विस्थापन”
परमानंद जांगड़े ने कहा कि सरकार यदि इस भूमि का उपयोग किसी परियोजना के लिए करना चाहती थी तो सबसे पहले प्रभावित परिवारों के लिए सम्मानजनक पुनर्वास, वैकल्पिक भूमि और उचित मुआवजे की व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन परिवारों को वर्षों तक बिजली, पानी और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलीं तथा कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिला, उन्हीं परिवारों को अचानक बेघर कर देना किस प्रकार का सुशासन है?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की ताकत बुलडोजर से नहीं, बल्कि सबसे कमजोर नागरिक के प्रति उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और न्याय से मापी जाती है।
विधायक कॉलोनी के बहिष्कार की मांग
आप नेता ने भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनमें नैतिकता और मानवीय संवेदना बची है तो उन्हें गरीबों के उजड़े आशियानों की जमीन पर बनने वाली किसी भी विधायक कॉलोनी का सार्वजनिक रूप से बहिष्कार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल घटनास्थल का दौरा करना या औपचारिक बयान देना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक संवेदनशीलता तब साबित होगी जब जनप्रतिनिधि यह घोषणा करें कि वे गरीबों के विस्थापन की कीमत पर बनने वाले किसी भी सरकारी आवास को स्वीकार नहीं करेंगे।
“गरीबों की पीड़ा पर बने भवन लोकतंत्र के माथे पर कलंक होंगे”
परमानंद जांगड़े ने कहा कि जिस भूमि पर कभी गरीब परिवारों के सपने बसते थे, यदि उसी स्थान पर जनप्रतिनिधियों के लिए आलीशान आवास बनाए जाते हैं तो वे सम्मान के नहीं, बल्कि गरीबों के आंसुओं और पीड़ा के प्रतीक बनेंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को मानवता और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में खड़ा होकर इस प्रस्तावित विधायक कॉलोनी का विरोध करना चाहिए।
सरकार पर कुशासन का आरोप
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर सरकार गरीब कल्याण और आवास की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर बारिश के मौसम में गरीब परिवारों को खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर कर रही है। ऐसी व्यवस्था सुशासन नहीं बल्कि कुशासन का उदाहरण है।
आप की प्रमुख मांगें
आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की है कि—
सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए।
प्रत्येक परिवार को कम से कम 5000 वर्गफुट आवासीय भूमि आवंटित की जाए।
सभी विस्थापित परिवारों के लिए स्थायी आवास का निर्माण कराया जाए।
पूरे मामले की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
“गरीब की आह कभी खाली नहीं जाती”
परमानंद जांगड़े ने कहा कि सत्ता का अहंकार स्थायी नहीं होता और इतिहास हमेशा उन सरकारों को याद रखता है जिन्होंने गरीबों की पीड़ा को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि गरीबों के आंसुओं की कीमत न समझने वाली सरकारों को जनता समय आने पर जवाब जरूर देती है।
सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और जब तक सभी विस्थापित परिवारों को न्याय, सम्मान, पुनर्वास और उनका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक पार्टी का लोकतांत्रिक संघर्ष सड़क से सदन तक पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।
✍️ चौपाल न्यूज इन
रायपुर | छत्तीसगढ़

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