चौपाल न्यूज इन | रायपुर/जगदलपुर | 24 फरवरी 2026

चौपाल न्यूज इन | रायपुर/जगदलपुर | 24 फरवरी 2026

दूरस्थ वनांचलों तक पहुंचा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, फोस्टर बच्चों का जाना हाल

फोस्टर केयर में खिल रही मुस्कान, अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने किया क्रियान्वयन का निरीक्षण

जगदलपुर।http://Chaupalnews.in छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने जगदलपुर प्रवास के दौरान फोस्टर केयर व्यवस्था का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। उन्होंने दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में सुरक्षित पारिवारिक वातावरण में रह रहे बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली।


सुरक्षित पारिवारिक वातावरण ही सर्वोत्तम विकल्प
अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने कहा कि किसी भी बच्चे के समग्र विकास के लिए संस्थागत देखरेख से बेहतर विकल्प सुरक्षित और स्नेहमय पारिवारिक वातावरण है। उन्होंने बताया कि फोस्टर केयर का उद्देश्य उन बच्चों को वैकल्पिक परिवार प्रदान करना है, जो किसी कारणवश अपने माता-पिता के साथ नहीं रह पाते। इस व्यवस्था के माध्यम से बच्चों की देखभाल, शिक्षा और मानसिक विकास सुनिश्चित किया जाता है।


उल्लेखनीय है कि डॉ. शर्मा देश के विभिन्न महानगरों, विशेषकर मुंबई में आयोजित फोस्टर केयर कार्यशालाओं में भी सक्रिय सहभागिता निभा चुकी हैं और उन्होंने इस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
बाबूसेरा और कलचा गांवों में निरीक्षण
जगदलपुर के दूरस्थ ग्राम बाबूसेरा एवं कलचा में फोस्टर परिवारों से भेंट कर आयोग अध्यक्ष ने बच्चों का हालचाल जाना। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फोस्टर केयर का क्रियान्वयन संतोषजनक ढंग से किया जा रहा है और बच्चे सुरक्षित एवं आत्मीय वातावरण में रह रहे हैं।
सेना में जाने का सपना
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के एक ही परिवार के तीन बालकों, जो वर्तमान में फोस्टर केयर में रह रहे हैं, ने भविष्य में भारतीय सेना में सेवा देने की इच्छा व्यक्त की। विपरीत परिस्थितियों से निकलकर देशसेवा का संकल्प इन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है।
वहीं एक बालिका, जो पूर्व में दुर्ग बालिका गृह एवं राजनांदगांव में फोस्टर देखरेख में रही, वर्तमान में कलचा के एक परिवार के साथ निवासरत है। वह पिछले एक वर्ष में परिवार के साथ पूरी तरह घुल-मिल गई है और स्थानीय भाषाएं ‘भतरी’ एवं ‘हलबी’ सीख चुकी है। बालिका की संस्कृत विषय में विशेष रुचि भी सामने आई।
शैक्षणिक सत्र के अनुरूप फोस्टर की अनुशंसा
निरीक्षण के दौरान यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि बच्चों को फोस्टर केयर में भेजते समय उनके शैक्षणिक सत्र का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। आयोग अध्यक्ष ने संकेत दिया कि आगामी दिनों में इस संबंध में औपचारिक अनुशंसा जारी की जाएगी।
सर्किट हाउस में विभागीय बैठक


जगदलपुर स्थित सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में बच्चों के लिए खेल सुविधाओं के विस्तार, स्टेडियम निर्माण तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य, यूनिसेफ के प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में फोस्टर केयर बनेगा प्रभावी माध्यम
आयोग का मानना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में फोस्टर केयर व्यवस्था भविष्य में बच्चों के पुनर्वास और समग्र विकास के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी। आयोग द्वारा इस व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील, प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक बालक को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्नेहमय पारिवारिक वातावरण प्राप्त हो सके।

रिपोर्ट: चौपाल न्यूज इन | रायपुर छत्तीसगढ़

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