चौपाल न्यूज इन रायपुर छत्तीसगढhttp://Chaupalnews.inमंदिर हसौद।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से लागू की गई कोर पी.डी.एस. (Centralised Online Real-time Electronic PDS – CORE PDS) व्यवस्था अब प्रदेश में एक प्रभावी आईसीटी-आधारित मॉडल के रूप में स्थापित हो चुकी है। इस प्रणाली ने राशन वितरण में तकनीकी सुधार के साथ-साथ हितग्राहियों को अधिक अधिकार और सुविधा प्रदान की है।
- ‘मेरी मर्जी’ योजना: अब कहीं भी, कभी भी राशन
CORE PDS की सबसे बड़ी विशेषता पोर्टेबिलिटी है।
राशन कार्डधारी अब किसी एक उचित मूल्य दुकान (FPS) से बंधे नहीं हैं।
वे राज्य की किसी भी उचित मूल्य दुकान से अपनी सुविधा अनुसार राशन ले सकते हैं।
इंट्रा-स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत एक जिले से दूसरे जिले में भी राशन उठाने की सुविधा उपलब्ध है।
इससे प्रवासी मजदूरों, कामकाजी परिवारों और अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर रहने वालों को विशेष राहत मिली है। - आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए
आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन लागू किया गया है।
PoS (Point of Sale) मशीन के माध्यम से अंगूठा लगाकर सत्यापन किया जाता है।
इससे फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगी है। - रीयल-टाइम ऑनलाइन ट्रांजैक्शन सिस्टम
हर राशन वितरण का रिकॉर्ड तत्काल केंद्रीय सर्वर पर अपडेट होता है।
इससे स्टॉक और वितरण की सटीक जानकारी उपलब्ध रहती है।
प्रशासन को निगरानी और लेखा-जोखा रखने में आसानी होती है। - पात्रता और अधिकार (Entitlement) स्पष्ट
🔹 अंत्योदय अन्न योजना (AAY)
प्रति परिवार 35 किलोग्राम राशन का प्रावधान।
🔹 प्राथमिक परिवार (PHH)
प्रति सदस्य 5 किलोग्राम राशन का कानूनी अधिकार।
यह व्यवस्था राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लागू है। - PoS मशीन से पारदर्शी वितरण
हर उचित मूल्य दुकान में PoS मशीन अनिवार्य।
मशीन के जरिए ही वितरण, जिससे सही लाभार्थी को ही राशन सुनिश्चित।
डिजिटल रसीद और ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध। - शिकायत निवारण की मजबूत व्यवस्था
यदि किसी हितग्राही को राशन नहीं मिलता—
वह शिकायत दर्ज करा सकता है।
एक महीने के भीतर समाधान न होने पर मुआवजा पाने का प्रावधान है।
यह व्यवस्था जवाबदेही को मजबूत करती है। - ऑनलाइन जानकारी की सुविधा
राशनकार्ड धारक आधिकारिक पोर्टल khadya.cg.nic.in पर—
जिलेवार कोर पीडीएस की जानकारी
PoS से किए गए लेनदेन का विवरण
पात्रता और स्टॉक की स्थिति देख सकते हैं।
तकनीकी सुधार से घटा भ्रष्टाचार
CORE PDS पूरी तरह तकनीकी निगरानी पर आधारित प्रणाली है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और लाभार्थी की स्वतंत्रता को प्राथमिकता दी गई है।
‘मेरी मर्जी’ सिद्धांत के तहत हितग्राही अपनी सुविधा से समय और स्थान चुन सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में लागू यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनता जा रहा है।
✍️ चौपाल न्यूज इन रायपुर, छत्तीसगढ़ (मंदिर हसौद)
