“राधे-राधे” बोलने पर नर्सरी छात्रा की पिटाई

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बाल आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, स्कूल प्रबंधन तलब

प्रकरण संख्या 1351/2025 दर्ज, जांच के निर्देश

राधे-राधे बोलने पर छात्रा की पिटाई का मामला — राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, स्कूल प्रबंधन तलब

📍 चौपाल न्यूज इन, रायपुर छत्तीसगढ़http://Chaupal new in

दुर्ग जिले के नंदिनी थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत बागडूमर स्थित मदर टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल में नर्सरी कक्षा की छात्रा के “राधे-राधे” बोलने पर स्कूल के प्राचार्य द्वारा उसके मुँह पर टेप लगाकर छड़ी से पिटाई करने का मामला सामने आया है। इस अमानवीय कृत्य को लेकर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग छत्तीसगढ़ ने गम्भीरता से स्वतः संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है।

📝 आयोग ने इस प्रकरण को प्रकरण क्रमांक 1351/2025 के तहत दर्ज कर, बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13(जे) व 14 के अंतर्गत 01 अगस्त 2025 को स्वतः संज्ञान लिया। साथ ही स्कूल के प्रबंधक और प्राचार्य को 14 अगस्त 2025 को दोपहर 12:30 बजे आयोग कार्यालय में तलब किया है।

👩‍⚖️ आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यह मामला केवल एक बच्ची के साथ की गई क्रूरता नहीं है, बल्कि किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत यह कृत्य बच्चों के प्रति अमानवीय व्यवहार के दायरे में आता है। साथ ही यह बच्ची और उसके परिवार के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का भी उल्लंघन है।

👮‍♀️ आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी, दुर्ग और थाना प्रभारी, नंदिनी को भी आयोग में उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही आयोग द्वारा पीड़िता और उसके पालकों से मिलकर बच्ची की वर्तमान शारीरिक और मानसिक स्थिति का प्रतिवेदन भी मांगा गया है।

🗓️ उल्लेखनीय है कि 1 अगस्त 2025 को समाचार पत्रों और चैनलों में घटना प्रकाशित होते ही, आयोग ने उसी दिन तत्काल संज्ञान लेकर नोटिस जारी कर दिया था।

➡️ आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बच्चों के अधिकारों से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरी गंभीरता व निष्पक्षता से जांच की जाएगी।


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