रायपुर ग्रामीण में लोक परंपरा से जुड़ने का अनोखा संदेश, बोरे-बासी के माध्यम से जड़ों को किया याद
रायपुर | चौपाल न्यूज इन
रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के भानपुरी वार्ड क्रमांक 4 में आज पारंपरिक बोरे-बासी दिवस बड़े ही उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर जन सेवक पंकज शर्मा जी ने वार्डवासियों के साथ मिलकर बोरे-बासी का स्वाद लिया और अपनी लोक संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान पंकज शर्मा जी ने कहा कि “बोरे-बासी केवल एक भोजन नहीं, बल्कि हमारी छत्तीसगढ़ी पहचान और परंपरा का प्रतीक है। इसे अपनाकर हम अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं और आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित कराते हैं।”
इस आयोजन में बड़ी संख्या में वार्डवासी शामिल हुए और सभी ने मिलकर पारंपरिक भोजन का आनंद लिया। माहौल पूरी तरह से छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया, जहां अपनापन और भाईचारे की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की खास बातें:
वार्डवासियों की सक्रिय भागीदारी
पारंपरिक बोरे-बासी का सामूहिक सेवन
लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश
सामाजिक एकता और भाईचारे का उदाहरण
संस्कृति से जुड़ने का संदेश
इस आयोजन ने यह साबित किया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी अपनी लोक परंपराओं को जीवित रखा जा सकता है। बोरे-बासी दिवस जैसे कार्यक्रम समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं और नई पीढ़ी में सांस्कृतिक गर्व की भावना जागृत करते हैं।
निष्कर्ष:
भानपुरी वार्ड 4 में आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन था, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक भी बना। जन सेवक पंकज शर्मा जी के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
चौपालन्यूज इन रायपुर छत्तीसगढ़
