क्षेत्रीय पार्षदों ने कलेक्टर, NRDA CEO और राजस्व मंत्री को सौंपा ज्ञापन; 1500 से अधिक गरीब परिवारों के सर्वे और पट्टा वितरण की मांग
मंदिर हसौद खास को लेयर-3 क्षेत्र का हवाला देते हुए नियम में शिथिलता की मांग
चौपाल न्यूज इन रायपुर छत्तीसगढ़ मंदिर हसौद, रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा “पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023” के तहत शासकीय भूमि पर लंबे समय से काबिज परिवारों को पट्टा देने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। इसी बीच मंदिर हसौद खास को सर्वे के दायरे से बाहर रखे जाने का मामला सामने आया है।
इसको लेकर नगर पालिका परिषद मंदिर हसौद के क्षेत्रीय पार्षदों ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए मंदिर हसौद खास को भी सर्वे में शामिल करने तथा पात्र परिवारों को पट्टा देने की अनुमति प्रदान करने की मांग की है।
नकटा और कुरूद में सर्वे, मंदिर हसौद खास में नहीं—पार्षदों ने उठाया सवाल
क्षेत्रीय पार्षदों का कहना है कि नवा रायपुर अंतर्गत लेयर-3 में शामिल ग्राम नकटा एवं ग्राम कुरूद को सर्वे में शामिल किया गया है, जबकि मंदिर हसौद खास को नवा रायपुर के प्रभावित ग्रामों में आने के कारण पट्टा सर्वे से बाहर रखा गया है।
पार्षदों ने इसे लेकर नियम में आवश्यक संशोधन अथवा शिथिलता प्रदान करने की मांग की है, ताकि मंदिर हसौद खास के पात्र परिवार भी पट्टा योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
1500 से अधिक गरीब परिवार प्रभावित होने का दावा
ज्ञापन में क्षेत्रीय पार्षदों ने बताया कि मंदिर हसौद के वार्ड क्रमांक 07, 09, 14, 16, 17, 18, 19 एवं 20 में 1500 से अधिक गरीब परिवार ऐसे हैं, जो 20 अगस्त 2017 से पूर्व से शासकीय भूमि पर निवासरत बताए गए हैं।
पार्षदों के अनुसार सर्वे नहीं होने के कारण इन परिवारों को पट्टा मिलने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है और वे आवास सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
“समान नगर पालिका में अलग-अलग व्यवस्था क्यों?”
क्षेत्रीय पार्षदों ने सवाल उठाया कि एक ही नगर पालिका परिषद मंदिर हसौद के अंतर्गत आने वाले नकटा एवं कुरूद में सर्वे किया जा रहा है, लेकिन मंदिर हसौद खास में सर्वे नहीं हो रहा है।
ज्ञापन में इसे समानता के अधिकार से जोड़ते हुए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का भी उल्लेख किया गया है। पार्षदों ने शासन से मांग की है कि पात्रता के आधार पर मंदिर हसौद खास के परिवारों को भी योजना का लाभ देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
लेयर-3 क्षेत्र होने के आधार पर विशेष श्रेणी में शामिल करने की मांग
पार्षदों का कहना है कि मंदिर हसौद नवा रायपुर के लेयर-3 क्षेत्र में आता है, जहां भूमि की खरीदी-बिक्री स्वतंत्र होने तथा NOC की आवश्यकता नहीं होने का उल्लेख करते हुए इसे विशेष श्रेणी में रखने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मानवीय आधार पर नियमों में आवश्यक शिथिलता प्रदान कर पात्र गरीब परिवारों को पट्टा, आवास तथा बिजली और राशन कार्ड जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने का रास्ता बनाया जाना चाहिए।
कलेक्टर, NRDA CEO और राजस्व मंत्री को सौंपा ज्ञापन
इस मांग को लेकर नगर पालिका परिषद मंदिर हसौद के पार्षद अधिवक्ता अनुज मिश्रा, वार्ड क्रमांक 12, श्री उत्तम साहू, पार्षद वार्ड क्रमांक 14 तथा श्रीमती सरस्वती दीनू यादव, पार्षद वार्ड क्रमांक 19 ने संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन जिला कलेक्टर रायपुर, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा राजस्व मंत्री को सौंपकर मंदिर हसौद खास के पात्र परिवारों का सर्वे कराने की मांग रखी गई।
पट्टाधृति अधिकार नियम में संशोधन की मांग
क्षेत्रीय पार्षदों ने शासन से मांग की है कि “पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023” में आवश्यक संशोधन अथवा शिथिलता प्रदान करते हुए नवा रायपुर के लेयर-3 अंतर्गत आने वाले मंदिर हसौद खास में भी 20 अगस्त 2017 से पूर्व के पात्र काबिज परिवारों का सर्वे कराया जाए।
इसके साथ ही पात्र परिवारों को नियमानुसार पट्टा वितरण की अनुमति प्रदान करने की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान संबंधित पार्षदों के साथ बड़ी संख्या में नगरवासी भी मौजूद रहे और मंदिर हसौद खास के प्रभावित परिवारों के हित में शीघ्र समाधान की मांग की।
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