बैगा विद्यार्थियों और महिलाओं से मिले राज्यपाल, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
कबीरधाम के सुदूर वनांचल ग्राम ढोलबज्जा पहुंचे राज्यपाल
चौपाल न्यूज इन रायपुर छत्तीसगढ़
रायपुर, 17 मई 2026
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र ग्राम ढोलबज्जा में आज एक प्रेरणादायक और भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जब राज्यपाल रमेन डेका बैगा विद्यार्थियों, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए और कहा कि “हर घर में पढ़ाई का एक अलग कोना होना चाहिए, तभी बच्चे आगे बढ़ पाएंगे।”
राज्यपाल श्री डेका ने बैगा समाज के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उनके सपनों, पढ़ाई तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि भले ही वे स्वयं शिक्षा से वंचित रहे हों, लेकिन अपने बच्चों को शिक्षा से कभी दूर न रखें। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षा दूतों से ड्रॉप आउट बच्चों को फिर से स्कूल से जोड़ने का आह्वान भी किया।
इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को साफ-सफाई और स्वास्थ्य के महत्व को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर और औसत आयु में सुधार लाना है।
बैगा बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान
ग्राम ढोलबज्जा की छात्रा हेमकुमारी ने राज्यपाल को बताया कि उसने 12वीं कक्षा में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं और वह वर्तमान में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही है। वहीं गायत्री मोरावी ने बीएससी नर्सिंग करने की इच्छा जताई। शिक्षा दूत नितेश बैगा ने बताया कि वे लगातार बैगा बच्चों को स्कूल आने और पढ़ाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि अब बैगा समाज के बच्चे डॉक्टर, नर्स और अन्य क्षेत्रों में जाने का सपना देख रहे हैं और समाज के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी बैगा महिलाओं और स्व-सहायता समूहों से भी मुलाकात की। उन्होंने महिलाओं के कार्यों और आय के स्रोतों की जानकारी लेते हुए उनकी सराहना की।
जय लक्ष्मी स्वच्छता समूह से जुड़ी श्रीमती रजतिन मरावी ने बताया कि वे बांस से सूपा, टोकरी सहित कई उपयोगी सामग्री तैयार करती हैं, जिससे उन्हें लगभग एक लाख रुपये तक की आय हुई है। वहीं सुखिया बैगा ने सूकर पालन के माध्यम से एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित करने की जानकारी दी।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में बेहतर कार्य कर रही हैं, लेकिन इसमें और भी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को वैल्यू एडिशन, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की जाए। साथ ही उन्होंने महिलाओं को ट्राइबल मिलेट्स की खेती और उससे जुड़े उत्पाद तैयार करने के लिए भी प्रेरित किया।
पीएम जनमन योजना से बदल रही तस्वीर
राज्यपाल ने पीएम जनमन आवास योजना के तहत बैगा परिवारों को आवास की चाबी और शौचालय स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। इस अवसर पर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जानकारी दी कि इस क्षेत्र के 4 गांवों में लगभग 1100 की आबादी निवास करती है और जनमन योजना के तहत 248 आवास स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बिहान योजना के अंतर्गत 22 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनमें 18 बैगा समूह शामिल हैं। ये महिलाएं बांस से उपयोगी सामग्री निर्माण, राजमिस्त्री कार्य और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन संचालन जैसे कार्यों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।
“बैगा दीदियों के उत्पादों में वैल्यू एडिशन जरूरी”
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति को सुरक्षित रखते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने बैगा महिलाओं के उत्पादों में वैल्यू एडिशन और बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था पर विशेष जोर दिया, ताकि उनकी आय और अधिक बढ़ सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
