छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजीव लोचन का दिव्य दर्शन, श्रद्धालुओं में आस्था और भक्ति का सैलाब

छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजीव लोचन का दिव्य दर्शन, श्रद्धालुओं में आस्था और भक्ति का सैलाब

चौपाल न्यूज इन रायपुर छत्तीसगढ़ http://Chaupalnews.inराजिम (गरियाबंद)।
छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध तीर्थस्थल राजिम, जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है, इन दिनों श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर स्थित भगवान राजीव लोचन के दिव्य दर्शन हेतु दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।


महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम पर विराजमान भगवान राजीव लोचन मंदिर छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्य भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आस्था, परंपरा और आध्यात्म का संगम
सुबह से ही मंदिर परिसर में घंटा-घड़ियाल और मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देती है। श्रद्धालु गंगा आरती की तर्ज पर त्रिवेणी संगम में स्नान कर भगवान राजीव लोचन के दर्शन कर रहे हैं। भक्तों का कहना है कि यहां आकर अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।
पर्यटन और संस्कृति को मिलता नया आयाम
राजिम कुंभ, माघ पूर्णिमा और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इससे स्थानीय पर्यटन, संस्कृति और रोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष व्यवस्था की गई है।
छत्तीसगढ़ की धार्मिक पहचान
राजीव लोचन धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक भी है।
✍️ प्रधान संपादक: सुरेंद्र यादव
चौपाल न्यूज इन | रायपुर, छत्तीसगढ़

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