थाना आरंग में FIR दर्ज, सीएसपी अभिषेक झा ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा
आरंग | चौपाल न्यूज़ इन रायपुर छत्तीसगढ़
आरंग क्षेत्र में गौ-तस्करी के संदेह के नाम पर एक युवक के साथ कथित मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। ग्राम गुदगुदा निवासी बालकुमार कुर्रे के साथ हुई इस घटना के विरोध में सतनामी समाज के सैकड़ों लोग थाना आरंग पहुँचे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

घटना को लेकर समाज के प्रमुख नेताओं परमानंद जांगड़े, संजय चेलक, पिंटू कुर्रे, रेखलाल पात्रे, राधाकृष्ण टंडन, सत्येंद्र चेलक, दिवाकर जांगड़े, शेखर नारंग, राजू मनहरे, अमर मांडले, विकास टंडन, संजय टंडन, पुरुषोत्तम सोनवानी, लक्की कोशले, प्रदीप जोशी, राजेश बारले, चुंडामणि गायकवाड़, बलराम सोनवानी, आर्यन जोशी, गणेश बांधे, टिकेश्वर गिलहरे, जितेंद्र टंडन, चंदन मांडले, ललित ढीढ़ी, लक्की डहरिया, उपेंद्र भारती, ललित गायकवाड़, गणेश डहरिया, संतोष गेंद्रे, जितेंद्र नारंग, विक्की टंडन, देवेंद्र मैरिसा, डोमार भारद्वाज, जीवराखन बांधे, उमेंद्र कुर्रे सहित बड़ी संख्या में समाजजन थाना पहुँचे।
“गौ रक्षा के नाम पर अराजकता बर्दाश्त नहीं” – समाज
समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गौ-रक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में लेकर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और भय का वातावरण निर्मित करने का प्रयास हैं।
समाज प्रतिनिधि परमानंद जांगड़े ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके पुराने रिकॉर्ड की जांच की जाए तथा क्षेत्र में फैलाई जा रही गुंडागर्दी पर रोक लगाई जाए। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी कर सार्वजनिक रूप से कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित बालकुमार कुर्रे, पिता बहुरसिंह कुर्रे, निवासी ग्राम गुदगुदा ने शिकायत में बताया कि वे एक कृषक परिवार से हैं और अपने घर में 10 से 15 गाय एवं भैंसों का पालन-पोषण करते हैं।
उन्होंने बताया कि 8 मई की मध्यरात्रि चराई के बाद कुछ पशु वापस नहीं लौटे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गांव के नाले के पार कुछ लोगों ने पशुओं को पकड़ रखा है। अपने पशुओं की पहचान करने जब वे मौके पर पहुँचे, तब तक पुलिस भी पहुंच चुकी थी और पशुओं को थाना आरंग लाया जा चुका था।
बालकुमार कुर्रे के अनुसार, थाना परिसर में मौजूद कुछ स्वयंभू गौरक्षकों एवं गौसेवकों ने बिना किसी जांच-पड़ताल के उन्हें गौ-तस्कर बताकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि सामान्य ग्रामीण भाषा में “जानवर” शब्द का प्रयोग करने पर उन्हें जातिसूचक एवं अपमानजनक शब्द कहे गए।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची और परिवार मानसिक रूप से आहत हुआ।
सैकड़ों समाजजन पहुँचे थाना, सौंपा ज्ञापन
घटना की जानकारी फैलते ही सतनामी समाज में भारी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते लगभग 300 से अधिक समाजजन थाना आरंग पहुँच गए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
समाज के वरिष्ठजनों रेखलाल पात्रे, उपेंद्र भारती और सत्येंद्र चेलक ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन का काम है, लेकिन कुछ लोग स्वयं न्यायालय बनने का प्रयास कर रहे हैं, जो बेहद खतरनाक स्थिति है।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुई FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी अभिषेक झा ने स्वयं संज्ञान लेते हुए जांच प्रारंभ कराई। पुलिस प्रशासन द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 126(2), 131, 352, 351(2), 356 एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(10) के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया है।
“दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा” – सीएसपी अभिषेक झा
सीएसपी अभिषेक झा ने समाज प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
समाज की प्रमुख मांगें
आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी
वायरल वीडियो की जांच और उसे हटाने की कार्रवाई
पीड़ित परिवार को सुरक्षा
गौ-रक्षा के नाम पर अराजकता फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई
सतनामी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
